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भारत ने दिया अमेरिका को दूसरा झटका

भारत ने अमेरिका को पहला झटका रूस से एस-400 की के डील  को सफलतापूर्वक कर के दिया था और भारत-अमेरिका को दूसरा झटका देने की तैयारी में है । भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ईरान से तेल के आयात में रुकावट नहीं आएगी  ।
भारत ने कहा है कि अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद भारत ईरान से तेल के आयात में किसी भी प्रकार का रुकावट नहीं रखेगा । भारत अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद ईरान के साथ कारोबार को जारी रखेगा ।  भारत के सरकारी रिफाइनरी ने ईरान से लगभग 1.25 मिलियन टन क्रूड ऑयल खरीदने का अनुबंध किया है ।  इसके साथ ही भारत ने यह भी कोशिश की है कि रुपए में कारोबार करने की कोशिश की जाए जिससे रुपया अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत स्थिति को प्राप्त करें ।
राजनीतिक विश्लेषकों और इस मामले में विचारकों का कहना है कि भारत कम मात्रा में ही सही लेकिन ईरान से तेल आयात को जारी रखना चाहता है ।  गौरतलब है कि अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने कहा था कि वाशिंगटन प्रतिबंध को लेकर अमेरिका विचार करेगा लेकिन अगर ऐसा किया गया तो इस की समय सीमा भी तय की जाएगी । बता दें की इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने समान मात्रा में ईरान से हर महीने तेल खरीदने का निश्चय किया था ।  वित्त वर्ष 2018 19 में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने 9 मिलियन टन्स ईरानी तेल आयात करने की योजना बनाई है ।
गौरतलब है कि भारत के सरकारी ऑयल कॉरपोरेशन इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन और मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड ईरानी तेल के आयात के लिए 1.25 मिलियंस अनुबंध नवंबर तक के लिए किया है ।  इधर अमेरिकी प्रतिबंध लागू हो नवंबर में ही हो रहे है ।  जिससे कि ईरान के आयल स्तर पर दुष्प्रभाव पड़ सकता है । राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि एस 400 डील  के पश्चात एक तरफ से अमेरिका को भारत के द्वारा दिया गया दूसरा झटका होगा । जब भारत ईरान से लगातार कच्चे तेल का आयात करता रहेगा ।
इधर नवंबर में अमेरिकी प्रतिबंध लागू हो जाने के पश्चात ईरान के लिए पेमेंट के रास्ते में बाधा पड़ेगी । इसके लिए भारत और ईरान में अमेरिकी प्रतिबंध के पश्चात रुपए में कारोबार करने का विचार कर रहे हैं । इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रुपए को मजबूती मिलेगी ।

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